इंग्लैंड के खिलाफ शॉट लगाते जडेजा (बाएं) और सुंदर (दाएं)
India Vs England Test Match: मैनचेस्टर में खेले गए टेस्ट मैच में जबरदस्त संघर्ष के बाद ड्रॉ की ओर बढ़ते मुकाबले के आखिरी लम्हों में माहौल गर्मा गया. इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने जब 15 ओवर बाकी रहते ड्रॉ का प्रस्ताव रखा, तो भारतीय बल्लेबाजों ने इसे ठुकरा दिया. उस समय भारत का स्कोर 386/4 था और 75 रनों की बढ़त मिल चुकी थी. मैच का नतीजा लगभग तय था, लेकिन भारतीय टीम के इरादे कुछ और थे.
इस दौरान कॉमेंट्री कर रहे संजय मांजरेकर ने भी कहा,"भारत अभी हाथ नहीं मिलाएगा. दोनों बल्लेबाज शतक के करीब हैं. अगर यही हालात इंग्लैंड के होते, तो क्या स्टोक्स मानते? भारत का इनकार बिल्कुल सही फैसला है."
दरअसल, रविंद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर अपनी शानदार पारियों को शतक में बदलना चाहते थे और वे इसके हकदार भी थे. लेकिन इंग्लिश खिलाड़ियों को यह बात रास नहीं आई. स्टोक्स के प्रस्ताव को ठुकराए जाने पर वे नाराज दिखे और जबरदस्त भाव-भंगिमा में मैदान से लौटे. इसके बाद स्टंप माइक में हैरी ब्रूक और जैक क्रॉली की जडेजा से बहस भी रिकॉर्ड हुई. मैच में ड्रिंक्स ब्रेक लिया गया, लेकिन तनाव खत्म नहीं हुआ.
जडेजा और सुंदर ने मिलकर 170 से ज्यादा रनों की साझेदारी कर ली थी और इंग्लिश गेंदबाज़ गर्मी व थकान से जूझ रहे थे. इससे पहले शुभमन गिल ने 103 और केएल राहुल ने 90 रन की अहम पारियां खेलकर भारत को संकट से उबारा. टीम इंडिया 0/2 पर संघर्ष कर रही थी, लेकिन राहुल और कप्तान की सूझबूझ ने पारी को संभाला.
आखिरकार जडेजा और सुंदर दोनों ने अपने-अपने शतक पूरे किए. जडेजा ने शतक के बाद अपनी प्रसिद्ध तलवारबाज़ी वाली सेलिब्रेशन भी की. नाराज इंग्लैंड ने फिर हॅरी ब्रूक को गेंदबाज़ी दी, जिन्होंने कई फुल टॉस फेंकीं, जिन्हें जडेजा ने बाउंड्री में तब्दील कर दिया. मुकाबला भले ही ड्रॉ रहा, लेकिन इंग्लैंड अब भी 2-1 की बढ़त बनाए हुए है. भारत अब लंदन में सीरीज़ बराबर करने की कोशिश करेगा.
टीनो बेस्ट और प्रीती जिंटा (बाएं)
क्रिकेट की दुनिया के तूफानी गेंदबाज टीनो बेस्ट ने न केवल मैदान पर अपनी रफ्तार से लोगों को प्रभावित किया बल्कि अपनी निजी जिंदगी के विवादों और खुलासों से भी सुर्खियां बटोरीं. NBT के स्पेशल सेगमेंट में उनके जिंदगी की कहानी, करियर और विवादित लाइफस्टाइल का विश्लेषण पेश किया गया है. जिसमें हालिया दिनों उनके जरिये लिखी गई किताब के पन्नो के हिस्सों को भी साझा किया गया है.
टीनो बेस्ट का क्रिकेट सफर
टीनो बेस्ट का जन्म 26 अगस्त 1981 को बारबाडोस में हुआ. क्रिकेट में उनकी प्रारंभिक शिक्षा परिवार से ही मिली, क्योंकि उनके कई रिश्तेदार भी इंटरनेशनल क्रिकेटर थे. उन्होंने 2003 में वेस्टइंडीज के लिए टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया. तेज बाउंसर और यॉर्कर के लिए मशहूर टीनो को मैदान पर खतरनाक गेंदबाज माना जाता था. उनकी 2012 की इंग्लैंड के खिलाफ पारी भी खास थी, जिसमें उन्होंने नंबर 11 बल्लेबाज के तौर पर 95 रन बनाकर रिकॉर्ड बनाया.
टीनो बेस्ट की जिंदगी मुश्किलों से भरी रही. उनका पिता ड्रग एडिक्ट थे और परिवार पर कठोरता दिखाते थे. टीनो ने अकेले ही क्रिकेट में अपना नाम कमाया. उनके चाचा कार्लाइल बेस्ट ने उन्हें मार्गदर्शन और समर्थन दिया.
टीनो बेस्ट की पर्सनल लाइप रही है विवादित लाइफ
NBT की रिपोर्ट के अनुसार, बेस्ट ने अपनी आत्मकथा 'Mind the Window: My Story' में क्रिकेट करियर के दौरान 500 से 650 महिलाओं के साथ संबंधों का दावा किया. उन्होंने खुद को प्लेबॉय बताया और खुलासा किया कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने 40 से ज्यादा महिलाओं से संबंध बनाए.
इसके अलावा उन्होंने वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड और टीम के कुछ खिलाड़ियों की आलोचना भी की. बेस्ट ने बताया कि उन्हें अक्सर टीम से बाहर रखा जाता था, भले ही उनका प्रदर्शन शानदार होता, क्योंकि वह सिस्टम और राजनीति से सवाल करते थे. इस खुलासे ने क्रिकेट जगत के बाहर भी विवाद खड़ा किया.
मैदान का तूफानी और लाइफ का रंगीन खिलाड़ी
टीनो बेस्ट को क्रिकेट के मैदान पर उनके आक्रामक अंदाज और तेज गेंदबाजी के लिए याद किया जाता है, लेकिन उनकी निजी जिंदगी में विवाद, पार्टियों और रिलेशनशिप्स ने भी उन्हें हमेशा सुर्खियों में रखा. टीनो बेस्ट की जिंदगी एक रोलरकोस्टर राइड रही, जहां सफलता, विवाद और व्यक्तिगत चुनौतियां हमेशा साथ रही और यही टीनो बेस्ट की कहानी को क्रिकेट के इतिहास में यादगार बनाती है.
(फाइल फोटो)
Indian Cricket Team Captain in ODI: भारतीय क्रिकेट में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला है. अब वनडे क्रिकेट की कमान रोहित शर्मा से लेकर युवा सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल को सौंप दी गई है. बीसीसीआई ने शनिवार (4 अक्टूबर) को ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम की घोषणा की, जहां गिल को कप्तान और श्रेयस अय्यर को उपकप्तान बनाया गया. यह फैसला न सिर्फ आने वाली सीरीज़ के लिए अहम है बल्कि 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी की दिशा में भी बड़ा कदम माना जा रहा है.
बीसीसीआई की चयन समिति ने गिल को कप्तान बनाने से पहले मुख्य कोच गौतम गंभीर से भी चर्चा की. इस चयन समिति की अगुवाई अजीत अगारकर कर रहे हैं. माना जा रहा है कि टीम प्रबंधन चाहता है कि 26 वर्षीय गिल आने वाले सालों में टीम इंडिया की कप्तानी को मजबूती से संभालें. गिल पहले ही टेस्ट टीम की कप्तानी कर रहे हैं और अब वनडे टीम की कमान भी उनके हाथों में आ गई है. वहीं, टी20 टीम में वे उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे.
ऑस्ट्रेलिया दौरे का शेड्यूल
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन वनडे मैच खेले जाएंगे, जो 19 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक सिडनी, एडिलेड और मेलबर्न में होंगे. इसके बाद पांच टी20 मुकाबलों की सीरीज़ होगी. वनडे टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली को भी शामिल किया गया है. वहीं, तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम दिया गया है.
BCCI का चयन और कप्तानी का समीकरण
गिल को कप्तान बनाने का फैसला उस वक्त आया है जब रोहित शर्मा ने इस साल की शुरुआत में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. तब गिल को टेस्ट कप्तानी सौंपी गई थी. अब वनडे में भी बदलाव हो गया है. रोहित और विराट कोहली हालांकि टीम में मौजूद रहेंगे, लेकिन नेतृत्व की जिम्मेदारी गिल के कंधों पर होगी.
श्रेयस अय्यर को उपकप्तान बनाया गया है, जो आईपीएल में अपनी कप्तानी की क्षमता दिखा चुके हैं. वहीं, युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल की वनडे टीम में वापसी हुई है.
रोहित शर्मा का कप्तानी करियर
रोहित शर्मा ने दिसंबर 2021 में विराट कोहली की जगह वनडे कप्तानी संभाली थी. उनके नेतृत्व में भारत ने एशिया कप 2023 और आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप जीता. इसके अलावा, भारत ने चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताब भी उनके नेतृत्व में अपने नाम किया. हालांकि, वनडे वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार भारतीय टीम के लिए निराशा लेकर आई.
कुल मिलाकर, रोहित ने भारत को 56 वनडे मैचों में कप्तानी की, जिसमें टीम ने 42 जीते और सिर्फ 12 हारे. उनकी जीत प्रतिशत लगभग 75 रही, जो उन्हें भारत के सबसे सफल कप्तानों में खड़ा करती है. भले ही वे एमएस धोनी या विराट कोहली जितने लंबे समय तक कप्तान न रहे हों, लेकिन उनके नेतृत्व में भारत ने बड़ी ट्रॉफियां जीतीं और सफेद गेंद क्रिकेट में नई ऊंचाइयों को छुआ.
गिल के लिए बड़ी जिम्मेदारी
गिल को यह जिम्मेदारी उस दौर में दी गई है जब भारतीय टीम को नई दिशा की तलाश है. माना जा रहा है कि उन्हें अभी से तैयार किया जा रहा है ताकि 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में वे बतौर कप्तान टीम इंडिया का नेतृत्व कर सकें. गिल के प्रदर्शन और नेतृत्व कौशल ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है.
भारतीय टीम (वनडे)
शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), अक्षर पटेल, केएल राहुल, नितीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, हर्षित राणा, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, ध्रुव जुरेल, यशस्वी जायसवाल.
भारतीय टीम (टी20)
सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, तिलक वर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, हर्षित राणा, संजू सैमसन, रिंकू सिंह, वॉशिंगटन सुंदर.
श्रीलंका की हार से पाकिस्तान की उम्मीदें जिंदा
SL Pak Match in Asia Cup: एशिया कप का फीवर चढ़ने लगा है. मंगलवार (23 सितंबर) को पाकिस्तान और श्रीलंका बीच सुपर-4 का मुकाबले में कड़ा रोमांच देखने को मिला
शाहीन शाह अफरीदी और हुसैन तलत की घातक गेंदबाजी के दम पर पाकिस्तान ने एशिया कप टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के सुपर-4 चरण में श्रीलंका को रोमांचक मुकाबले में पांच विकेट से हराकर फाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा.
भारत के खिलाफ पिछली हार से उबरते हुए पाकिस्तान ने श्रीलंका द्वारा दिए गए 134 रन के लक्ष्य को 18 ओवर में पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया. पाकिस्तान की ओर से मोहम्मद नवाज (नाबाद 38 रन, 24 गेंद, तीन चौके, तीन छक्के) और हुसैन तलत (नाबाद 32 रन, 30 गेंद, चार चौके) ने छठे विकेट के लिए 58 रन की नाबाद साझेदारी कर टीम को जीत की राह दिखाई.
पाकिस्तान गेंदबाजों की फ्लाप के बाद बदली किस्मत
श्रीलंका की ओर से महेश तीक्षणा (दो विकेट, 24 रन) और वानिंदु हसरंगा (दो विकेट, 27 रन) ने उम्दा स्पिन गेंदबाजी की लेकिन टीम को जीत दिलाने में नाकाम रहे. इससे पहले टॉस जीतकर पाकिस्तान ने श्रीलंका को बल्लेबाजी का न्योता दिया और गेंदबाजों ने कप्तान आगा सलमान के फैसले को सही साबित कर दिखाया। शाहीन अफरीदी ने 28 रन देकर तीन विकेट, तलत ने 18 रन पर दो विकेट और हारिस राऊफ ने 37 रन पर दो विकेट चटकाए.
लेग स्पिनर अबरार अहमद ने भी चार ओवर में मात्र आठ रन देकर एक विकेट झटका. श्रीलंका की पूरी टीम 20 ओवर में आठ विकेट पर 133 रन ही बना सकी. टीम की ओर से कामिंदु मेंडिस ने 44 गेंदों में 50 रन (तीन चौके, दो छक्के) की जुझारू पारी खेली. उन्होंने चमिका करुणारत्ने (नाबाद 17) के साथ सातवें विकेट के लिए 43 रन जोड़कर पारी को संभाला. कप्तान चरिथ असलंका ने 20 रन बनाए।
लो स्कोरिंग मैच में रोमांच का जादू
लक्ष्य का पीछा करने उतरे पाकिस्तान को साहिबजादा फरहान (24) और फखर जमां (17) ने 45 रन की मजबूत शुरुआत दिलाई. हालांकि तीक्षणा ने फरहान और फखर को लगातार गेंदों पर आउट कर मैच में वापसी दिलाई. इसके बाद हसरंगा ने सईम अयूब (2) और आगा सलमान (5) को आउट करके पाकिस्तान को संकट में डाल दिया।
इस समय पाकिस्तान का स्कोर चार विकेट पर 57 रन था. यहां से तलत और मोहम्मद हारिस (13) ने थोड़ी देर संभाला, लेकिन चमीरा ने हारिस को बोल्ड कर साझेदारी तोड़ दी. इसके बाद नवाज और तलत ने मिलकर मोर्चा संभाला. नवाज ने हसरंगा और चमीरा पर आक्रामक शॉट्स लगाए, जबकि तलत ने धैर्य से खेलते हुए टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया.
श्रीलंका की पारी का हाल
श्रीलंका ने मैच की शुरुआत ही खराब की और दूसरी ही गेंद पर कुसाल मेंडिस (0) शाहीन की गेंद पर कैच देकर आउट हो गए. पथुम निसांका (8) भी ज्यादा देर नहीं टिक पाए। असलंका (20) और कुसाल परेरा (15) ने कुछ रन जोड़े लेकिन बड़ा स्कोर बनाने में विफल रहे. कामिंदु मेंडिस ने जरूर अर्धशतक जड़ा लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास सहयोग नहीं मिला. तलत ने असलंका और दासुन शनाका (0) को लगातार गेंदों पर आउट किया और श्रीलंका की पारी बिखेर दी.
पाकिस्तान की उम्मीदें बरकरार
अंतिम पांच ओवर में पाकिस्तान को 30 रन चाहिए थे. इस दौरान तलत ने हसरंगा पर लगातार चौके लगाए और नवाज ने चमीरा पर तीन छक्के जड़कर टीम को आसानी से जीत दिला दी. इस जीत के साथ पाकिस्तान ने फाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को मजबूती दे दी, जबकि श्रीलंका को हार का सामना करना पड़ा.